कोल्ड ड्रिंक को क्यों मीठा ज़हर कहते हैं, जानिए इसके नुकसान | Why Cold Drink Is Harmful For Your Body; Know It's Worse Effects.
कोल्ड ड्रिंक को क्यों मीठा ज़हर कहते हैं, जानिए इसके नुकसान | Why Cold Drink Is Harmful For Your Body; Know It's Worse Effects.
सॉफ्ट ड्रिंक या फिर कोल्ड ड्रिंक कह लीजिए आप शायद पार्टी या किसी भी प्रोग्राम में बड़े शौक़ से इस्तेमाल करते हैं यह जानते हुए भी के इसके कई नुकसान हैं मगर किया आप यह जानते हैं के यह आपके शरीर पर कितना खतरनाक असर डालती है ? अगर नहीं तोह जान लीजिए |
सॉफ्ट ड्रिंक ना तोह आपको किसी तरह का पोषण प्रदान करते हैं बल्कि उसमें काफी मात्रा में हानिकारक रसायन भी मौजूद होते हैं। इसमें काफी उच्च मात्रा में चीनी मिलाई जाती है जो अक्सर उच्च फ्रूटोज मकई सिरप के कारन मधुमेह यानि शुगर जैसी बिमारियों का मुख्य कारण भी बन सकती है साथ ही दिल और गुर्दे को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। इसमें मौजूद फॉस्फोरिक एसिड हड्डी के नुकसान और गुर्दे की बीमारी का कारण बनते हैं और इसमें मौजूद साइट्रिक एसिड दांतों की खराबी और वक़्त से पहले झड़ जाने का कारण बनता है । कोला के कैन में या बोतल में कारमेल रंग का इस्तेमाल किया जाता है जो की कैंसर से जुड़ा हुआ है। हो सके तोह पैसे देकर इस ज़हर को खरीदने से ाचा आप इसके बदले में क़ुदरत का अनमोल तोहफा पानी या फिर कोम्बुचा पीएं।
कोल्ड ड्रिंक के हानिकारक प्रभाव में जिस्म का वजन बढ़ना और मोटापा के कारन दूसरी बीमारियों का मुख्य कारन है । कोल्ड ड्रिंक मधुमेह, अस्थमा, दिल, फेफड़े, और गुर्दे की बीमारी, हड्डी का नुकसान, दांतो का झड़ना, और कैंसर का कारण बन सकता है।
अगर आप प्रति दिन 1 या अधिक सॉफ्ट ड्रिंक का कैन पीते हैं तोह यह ख़ास कर महिलाओं में शरीर के वजन को बढ़ाता है मधुमेह 2 का कारन बनता है । पुरुषों में भी, ऐसे पेय पदार्थों के 1 या 2 कैन रोज़ाना पिने से टाइप 2 मधुमेह विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है (26 तक %) और मेटाबोलिक सिंड्रोम भी बुरी तरह से प्रभावित होता है |
अब आप कहोगे के इसके जगह पर डाइट कोका कोला या डाइट सॉफ्ट ड्रिंक पीते हैं उसमें तोह शुगर की मात्रा जीरो लिखी जाती है तोह रुक जाइये आपको बता दें की डाइट सोडा आपकी कोई मदद नहीं करता है। बल्कि यह विज्ञापन के ठीक उलट है डाइट सोडा वास्तव में आपको वजन को बढ़ाता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि सोडा में ग़ैर कुदरती मिठास मिलाई जाती है जो सामान्य चीनी की तरह आपके टेस्ट को संतुष्ट नहीं करते हैं जिसके परिणाम स्वरूप आप और अधिक मिठास के लिए आगे बढ़ जाते हैं।
डाइट सोडा में aspartame नामक एक आर्टिफीसियल स्वीटनर इस्तेमाल होता है जो 1980 के दशक में जांच का पहलु बना हुआ था और इसपर शोध चलता रहा । हालांकि विशेषज्ञों ने अभी इसे मंजूरी तोह दे दी है, लेकिन कुछ पशु अध्ययनों में यह कैंसर का मुख्या स्रोत माना जा रहा है |
देखा गया है के माता पिता फैशन के नशे में अपने छोटे बच्चों को भी यह शक्कर से भरा हुआ सॉफ्ट ड्रिंक पिने दे देते है और बच्चे इसका आनंद लेते हैं, बता दें की वे आपसे अधिक शारीरिक जोखिम में हैं। जैसा कि एक अध्ययन से संकेत मिलता है की सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन कम करने से बच्चों और किशोरों में मोटापा कम हो होता है ठीक उसी तरह पिने से हद से ज़्यादा मोटापा बढ़ता है और दूसरे बीमारियों का कारन बन सकता है | अपने बच्चों को इस से दूर ही रक्खें तोह अच्छा है |
प्लास्टिक और बोतल का उपयोग सॉफ्ट ड्रिंक को स्टोर करने के लिए किया जाता है और यह बिस्फेनॉल ए (बीपीए) जैसे केमिकल से तैयार किया जाता है, यह कैंसर को बढ़ावा देता है साथ ही हार्मोन को बाधित करने और रक्तचाप को बढ़ाने का ज़िम्मेदार भी है |
बेहतर है के आप इसे अपने जीवन शैली का हिस्सा न बनाएं और अपने बच्चों को इस से दूर ही रक्खें | इतनी साड़ी बीमारियों का स्रोत इस सॉफ्ट ड्रिंक को गुड बाये करना ही बेहतर है | क़ुदरत ने हमें शीतल जल प्रदान किया है उसे इस्तेमाल करें |
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